भए प्रगट कृपाला दीनदयाला...श्रीराम कथा में श्रीराम के जन्मोत्सव पर झूमे लोग



न्यूज स्ट्रोक
आगरा, 03 अप्रैल। लगड़े की चौकी क्षेत्र के शास्त्री नगर में जारी श्री रामकथा के तीसरे दिन बुधवार को राम जन्मोत्सव मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालु भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों के जन्म कथा का श्रवण कर झूम उठे। कथा व्यास भरत उपाध्याय ने राम जन्म प्रसंग की ऐसी व्याख्या की कि श्रोता भावविभोर हो उठे।
भरत उपाध्याय ने कहा कि तीन कल्प में तीन विष्णु का अवतार हुआ और चौथे कल्प में साक्षात भगवान श्रीराम माता कौशल्या के गर्भ से अवतरित हुए। व्यास गद्दी से बताया गया कि जिस प्रकार राज दशरथ ने अपना सर्वत्र और शरणागति समर्थ गुरु वशिष्ट के चरणों में की। इस शरणागति के कारण परम ब्रह्म धरती पर आकर दशरथ जी के पुत्र हुए। महाराज के चारों पुत्रों के जन्म से सम्पूर्ण राज्य में आनन्द का माहौल था। हर कोई खुशी में गन्धर्व गान कर रहा था और अप्सराएं नृत्य करने लगीं। देवताओं ने पुष्प वर्षा की। महाराज ने ब्राह्मणों और याचकों को दान दक्षिणा दी और उन सभी ने महाराज के पुत्रों को आशीर्वाद दिया। प्रजा-जनों को महाराज ने धन-धान्य और दरबारियों को रत्न, आभूषण भेंट दी। महर्षि वशिष्ठ ने महाराज के पुत्रों का नाम रामचन्द्र, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न रखा। कथा व्यास भरत उपाध्याय के गाये 'आए अवध में श्री राम हैं बाजे बधाइयां...' भजन ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। 



दिन की कथा के अंत में आरती दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री राकेश गर्ग ने की। इस अवसर पर रामकुमार शर्मा, महंत गोविंद गुरु, अभय प्रताप, राजेश खुराना, महंत गोपी गुरु, राम उपाध्याय, डॉ. वीरेंद्र अग्रवाल, विजय चौहान, ठाकुर महेंद्र सिंह और लालू जादौन उपस्थित रहे।

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