यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: बस से उतरे यात्रियों को कंटेनर ने कुचला, 6 की मौत, एक पल की लापरवाही ने छीन लीं कई जिन्दगी

 


न्यूज़ स्ट्रोक 
मथुरा, 07 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा कई परिवारों की खुशियां छीन ले गया। तेज रफ्तार और थोड़ी सी असावधानी किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है, यह हादसा उसी की एक भयावह याद बनकर सामने आया है। इस दुर्घटना में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
जानकारी के अनुसार एक स्लीपर बस नोएडा से फर्रुखाबाद जा रही थी। सफर लंबा था, इसलिए रास्ते में कुछ यात्री लघुशंका के लिए बस से नीचे उतर गए। रात का समय था और अधिकतर लोगों को शायद यह अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि एक्सप्रेसवे पर खड़ा होना कितना खतरनाक हो सकता है। कुछ अन्य यात्री भी बस से उतरकर सड़क किनारे खड़े हो गए।
इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहा एक कंटेनर अचानक अनियंत्रित हो गया और बस से उतरे यात्रियों को टक्कर मारते हुए निकल गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही क्षणों में वहां चीख-पुकार मच गई और खुशहाल यात्रा मातम में बदल गई।
इस हादसे में औरैया के सरवा कटरा निवासी सोनू, बस्ती के अलेवल निवासी देवेश, कन्नौज के गणेश का पुरवा निवासी अस्लम, दिल्ली के प्रेम नगर निवासी संतोष समेत दो अन्य लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं औरैया के बेला निवासी अमर दुबे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस घटना की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बस को एक्सप्रेसवे पर किस परिस्थिति में रोका गया और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
 हादसा सिर्फ एक खबर नहीं चेतावनी भी 
यह हादसा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है। एक्सप्रेसवे पर वाहन रोकना और सड़क पर उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहन कुछ ही सेकंड में ऐसी दुर्घटनाओं को जन्म दे सकते हैं, जिनका दर्द वर्षों तक परिवारों को झेलना पड़ता है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ भी बार-बार यही सलाह देते हैं कि एक्सप्रेसवे पर केवल निर्धारित स्थानों पर ही वाहन रोके जाएं और बिना पर्याप्त सावधानी के सड़क पर न उतरें। एक छोटी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है।
मुआवजे की घोषणा
हादसे पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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