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आगरा, 11 मई 2026। शहर की प्रतिष्ठित शतरंज संस्था डायनेमिक चेस स्कूल एक बार फिर प्रदेशभर में अपनी उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धियों के कारण चर्चा में है। आगरा ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े खिलाड़ी यहां प्रशिक्षण लेकर लगातार नई सफलताएं अर्जित कर रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण सीतापुर में 22 अप्रैल से 9 मई तक आयोजित विभिन्न आयु वर्ग की स्टेट सलेक्शन शतरंज प्रतियोगिताओं में देखने को मिला, जहां डायनेमिक के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
प्रतियोगिता में बनारस की प्रतिभाशाली खिलाड़ी समृद्धि तिवारी ने अंडर-17 वर्ग में शानदार खेल दिखाते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, वहीं अंडर-19 वर्ग में उपविजेता रहीं। प्रयागराज की संस्कृति यादव ने अंडर-11 वर्ग में शानदार जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। आगरा के आदर्श सारस्वत ने अंडर-19 ओपन वर्ग में तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया। वहीं आर्द्रिता मिश्रा ने अंडर-13 में उपविजेता तथा अंडर-15 में चौथा स्थान प्राप्त कर नेशनल प्रतियोगिता के लिए अपना चयन सुनिश्चित किया।
इसके अलावा प्रयागराज के इस्माइल सिद्दीकी ने अंडर-11, बनारस की परीक्षिता दुबे ने अंडर-9 एवं अंडर-11, लखनऊ की पार्णिका गुप्ता ने अंडर-17, आगरा की कनक दुबे ने अंडर-15 तथा चहक गुप्ता ने अंडर-9 वर्ग में विजेता सूची में स्थान बनाकर एकेडमी का गौरव बढ़ाया।
प्रतियोगिता में अन्य खिलाड़ियों ने भी बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इनमें बनारस के स्वर श्रीवास्तव, नोएडा की दमयंती सक्सेना, बरेली के मृत्युंजय सक्सेना, लखनऊ के पार्थ गुप्ता, तथा आगरा के व्योम बंसल, रोहित जैन, दिवित, अरहम, अबीर, दिव्यांश, क्रिशव, रोहितांश, गौरांश, ओमइरा, स्निग्धा, एंजेल, ह्रितवी, भक्ति, अविशा, काव्या और अनिष्का ने अपने उत्कृष्ट खेल से सभी को प्रभावित किया। इनमें से कई खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन के आधार पर जल्द ही FIDE रेटिंग मिलने की संभावना है।
खिलाड़ियों की इस उल्लेखनीय सफलता पर डायनेमिक चैस स्कूल के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रमुख कोच संजय दुबे ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने एकेडमी की समर्पित प्रशिक्षण टीम संचय दुबे, आशिंद्र यादव, दीपक कश्यप, वैष्णवी यादव, योगेश अग्रवाल एवं मृदुलकृष्ण की भी सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षकों की मेहनत और खिलाड़ियों की लगन ही इस निरंतर सफलता की सबसे बड़ी ताकत है।



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