शरद यादव ने अपनी पार्टी का लालू की पार्टी में किया विलय

तेजस्वी प्रसाद को बताया

अब बिहार का भविष्य



-हाशिए पर जा चुके शरद यादव का राज्यसभा पहुंचने का प्लान


 न्यूज़ स्ट्रोक
नई दिल्ली/पटना, 20 मार्च। शरद यादव ने अपनी पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल  का विलय आज यानि 20 मार्च को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय जनता दल  (राजद) के साथ कर दिया। जेडीयू से अलग होकर शरद यादव ने 2018 में अपनी पार्टी का गठन किया था।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान राजनीतिक स्थिति को देखते हुए ये शरद यादव ने ये फैसला लिया ताकि बिखरे हुए जनता परिवार को फिर एकजुट किया जा सके और साथ में खुद की कोई हैसियत भी वापस पाई जा सके।
2018 में नीतीश कुमार से अलग होकर अलग पार्टी बनाने वाले शरद यादव अब लालू यादव के साथ शुरू हुई उनकी 25 साल पुरानी राजनीतिक दुश्मीन भी खत्म हो गई। दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने अपनी पार्टी एलजेडी का राजद में विलय कर दिया।
इस मौके पर शरद यादव ने कहा कि, हमारी पार्टी का राजद में विलय विपक्षी एकता की दिशा में पहला कदम है। यह जरूरी है कि बीजेपी को हराने के लिए पूरे भारत में पूरा विपक्ष एकजुट हो जाए। अभी एकीकरण हमारी प्राथमिकता है, उसके बाद ही हम सोचेंगे कि एकजुट विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा। शरद यादव ने कहा कि हमने तो अपनी पहल कर दी है। शरद यादव ने तेजस्वी यादव को बिहार का भविष्य बताया।
सियासी गलियारे के सूत्र बता रहे रहे हैं कि शरद यादव को लालू राज्यसभा पहुंचा सकते हैं। दरअसल बिहार में इसी जुलाई में राज्यसभा की पांच सीटें खाली होंगी। इनमें दो सीटें भाजपा की और एक सीट जदयूयू के पास जाएगी, जबकि बाकी दो सीटें दो सीटें राजद के पास आएंगी। ऐसे में माना जा रहा है कि शरद यादव को राजद राज्यसभा भेज सकती है।
इससे पहले पिछले साल के अगस्त में लालू यादव ने नई दिल्ली में शरद यादव से मुलाकात की थी, जिसके बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि मीडिया से बात करने के दौरान लालू ने कहा था कि उन्होंने कहा था कि, शरद यादव का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने और उनके सांसद न रहने से अब संसद सूनी हो गई है।

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