रोबोट की मदद से घुटनों का प्रत्यारोपण बेहद विश्वसनीय: डॉ. सुजॉय


- विश्व में पहली बार लिगामेंट बनाए रखते हुए प्रत्यारोपण
-सर्वोदय हॉस्पिटल में रोबोट की मदद से हुआ घुटने का प्रत्यारोपण 




न्यूज़ स्ट्रोक

आगरा, 19 जुलाई । गुणवत्ता और विश्वसनीयता के साथ घुटनों का प्रत्यारोपण करवाना है तो रोबोट की मदद से ही करवाएं। सर्वोदय हॉस्पिटल फरीदाबाद के रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सेंटर के एचओडी व डायरेक्टर डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी ने एक्टिव क्यूविस जॉइंट रोबोट सिस्टम का इस्तेमाल किया, जिसमें विशेष रूप से विकसित सॉफ्टवेयर है। एक ही सिटिंग में दोनों घुटनों की सर्जरी की जा सकती है।
संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में ऑपरेशन की जानकारी देते हुए डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी ने उदाहारण के रूप में बताया कि टूंडला के  61 वर्षीय कपूर चंद वर्मा के लिए बिना सहारे चलना मुश्किल था। ज्यादा चलने पर दर्द और दैनिक कार्यों में तकलीफ मानो जीवन का हिस्सा बन गए थे। लेकिन 27 अप्रैल को एक्टिव जॉइंट रिप्लेसमेंट रोबोट के जरिये घुटनों का रोबोटिक बाइलेटरल टोटल नी रिप्लेसमेंट के बाद अब उन्हें चलने के लिए किसी सहारे की जरूरत नहीं।
सर्जरी की तैयारी में घुटनों का एक नॉन-कंट्रास्ट सीटी स्कैन किया गया। जरूरी बोन-कट और इम्प्लांट साइज पर फैसला किया। यह जानकारी वास्तविक सर्जरी से पहले रोबोट में डाली गई। सर्जरी के दौरान रोबोट द्वारा बड़ी सटीकता के साथ हड्डियों को काटा गया, जिससे गलती की संभावना कम हो गई। इस सर्जरी की खासियत यह थी कि सर्जरी रोबोट के द्वारा किए जाने पर भी मरीज के घुटने के लिगामेंट को बनाए रखने में कामयाब रहे। सर्जरी के कुछ ही घंटों बाद मरीज चलने में सक्षम हो गए। वह अब दर्द-मुक्त है और बिना किसी समस्या के नियमित कार्य करने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक तरीके के मुकाबले रोबोट द्वारा की गई सर्जरी के बड़े फायदे हैं। इनमें इम्प्लांट पोजिशनिंग की बेहतर सटीकता, मानवीय त्रुटि या सॉफ्ट-टिशू इंजरी की बहुत कम संभावना है। अधिक ऑपरेटिव सटीकता और सर्जरी के बाद कम दर्द एवं रोगी का शीघ्र स्वास्थ्य वापसी शामिल है। सर्जरी में मरीज के घुटने के लिगामेंट को सुरक्षित रखने की क्षमता के कारण हम दुनिया से एक कदम आगे निकल गए हैं। सर्वोदय हॉस्पिटल के मेडिकल एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. सौरभ गहलोत ने बताया कि फरीदाबाद के लोगों की तरह आगरा के लोगों को भी बेहतरीन इलाज रियायती दरों पर उपलब्ध करवाए गए हैं। 
इसलिए हम आधुनिक मेडिकल तकनीक के साथ अनुभवी डॉक्टरों को अपने हॉस्पिटल का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के कई फायदे हैं। इनमें सर्जरी से पहले ३डी व्यक्तिगत योजना बनाने की सुविधा, सब मिलीमीटर कृत्रिम जोड़ का सटीक विस्थापन, सब मिलीमीटर तक की सटीकता, जल्द रिकवरी और न्यूनतम रक्तस्त्राव शामिल हैं।


क्या है लिगामेंट
आगरा। "क्रूशिएट्स" दो क्रॉस-आकार के लिगामेंट होते है जो घुटने के सामने और पीछे की तरफ मौजूद होते हैं और जांघ की हड्डी को पिंडली की हड्डी से जोड़ते हैं। पारंपरिक रोबोट की सहायता से की जाने वाली सर्जरी में दोनो लिगामेंट्स को निकालना पड़ता है, जिसके कारण मरीज़ को कृत्रिम घुटने के बदले जाने जैसी एक अप्राकृतिक भावना के साथ रहना पड़ता है। 
 
ऐसे होता है ऑपरेशन
 घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी में घुटने के खराब हिस्से को हटा कर एक अर्टिफिशियल जोड़ से बदल दिया जाता है। क्यूविस जॉइंट रोबोट टोटल नी रिप्लेसमेंट के दौरान डॉक्टर मरीज की व्यक्तिगत सर्जरी की प्री-प्लानिंग के लिए उसके जोड़ की 3डी इमेज का इस्तेमाल करता है। मरीज के लिए अर्टिफिशियल जोड़ का चयन करने और उसे सही ढंग से डालने के लिए डॉक्टर रोबोट का उपयोग करता है। पूरी तरह से सक्रिय रोबोट डेटा को समझता है और एक अनुभवी सर्जन की देखरेख में प्री-सर्जरी प्लानिंग स्टेज के दौरान तय किए गए डायमेंशन के अनुसार हड्डी को ठीक से काटता है। इसकी मदद से मरीज को बेहतर परिणाम मिल पाते हैं |


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