खाद्यान्न पर जीएसटी के विरोध में मोतीगंज और नवीन गल्ला मंडी में नहीं हुआ कारोबार



- मोतीगंज बाजार में सुबह से ही पसरा रहा सन्नाटा, कस्बों में भी बंद रही दुकानें 
-आज रविवार के चलते रहेगा बाजार बंद, अब सोमवार को खरीददारी संभव


न्यूज़ स्ट्रोक
आगरा, 16 जुलाई । नॉन ब्रांडेड खाद्यान्न दाल, चावल आदि पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने के विरोध में शनिवार को जनपद में खाद्यान्न कारोबार पूरी तरह बंद रहा। मोती गंज बाजार में सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। जीएसटी के विरोध में किसी व्यापारी ने अपनी दुकान नहीं खोली। व्यापारियों की मांग है कि सरकार खाद्यान्न से जीएसटी तुरंत वापस ले। 
मोतीगंज बाजार में सुबह से ही ग्राहकों और व्यापारियों की हजारों की संख्या में भीड़ उमडऩे लगती थी। सुबह से वहां सब कुछ सुनसान नजर आ रहा था। गल्ला मंडी की एक भी दुकान नहीं खुली। जीएसटी का विरोध तेज अभी और तेज हो सकता है। जीएसटी में पैकिंग की नई परिभाषा लाकर खाद्यान्न को पांच फीसदी टैक्स के दायरे में लाने से व्यापारी नाराज हैं। शनिवार को खाद्यान्न व्यापारियों ने देशव्यापी बंदी का आह्वान किया था। इसी क्रम में आगरा में भी खाद्यान्न व्यापारियों ने बाजार बंद रखे। व्यापारियों ने शुक्रवार शाम को ही बंदी का फैसला ले लिया था। मोतीगंज बाजार समिति की इस सिलसिल में गत दिवस बैठक भी हुई थी।
आगरा देहात में तहसील स्तर पर भी खाद्यान्न बाजार की दुकानें नहीं खुलीं। अध्यक्ष रमनलाल गोयल ने बताया कि शहर के थोक और रिटेल खाद्यान्न कारोबार पूरी तरह बंद रहे। फिरोजाबाद रोड स्थित गल्ला मंडी की थोक दुकानें भी दिन भर बंद रहीं। रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा, इसलिए लोगों को दाल और चावल आदि खरीदने के लिए सोमवार तक इंतजार करना होगा।
मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति के पूर्व अध्यक्ष रामप्रकाश अग्रवाल, महामंत्री विष्णु अग्रवाल, पूर्व मंत्री श्याम कुमार, मोहित गर्ग आदि ने खाद्यान्न पर जीएसटी लगाने का कड़ा विरोध किया है। व्यापारियों का कहना है कि आम आदमी के लिए अब आटा, मैदा, सूजी, गुड़, चावल, दाल आदि महंगे हो जाएंगे।

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