-दिल्ली के मैक्स अस्पताल ने आगरा में आयोजित किया मल्टी स्पेशयलिटी जागरूकता कार्यक्रम
-मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया के बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने दी लोगों को अहम जानकारी
न्यूज़ स्ट्रोक
आगरा, 16 जुलाई। मैक्स अस्पताल साकेत दिल्ली स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। साथ ही लोगों के बीच बीमारी और ट्रीटमेंट के नए-नए तरीकों की जानकारी भी मैक्स की टीम पहुंचाती है। इसी कड़ी में मैक्स अस्पताल के सीनियर डॉक्टर्स की टीम शनिवार को आगरा पहुंची और यहां मल्टी-डिसिप्लिनरी जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
इस पब्लिक अवेयरनेस सत्र के दौरान मिनिमली इनवेसिव (कम से कम चीर-काट) प्रक्रिया के क्षेत्र में होने वाले नए तकनीकी डवलपमेंट्स के बारे में बताया, जो न्यूरोसर्जरी, गैस्ट्रो-इंस्टेस्टिनल ट्रैक्ट कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट समेत यूरोलॉजी से जुड़ी अन्य बीमारियों के इलाज में कारगर है।
आगरा में आयोजित इस सत्र के दौरान मैक्स अस्पताल साकेत के सीनियर डॉक्टर्स की टीम मौजूद रही। न्यूरोसर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. कपिल जैन, यूरोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांटेशन डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉक्टर प्रग्नेश देसाई और गैस्ट्रो-इंटेस्टिनल ऑनकॉलोजी के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. मनीष जैन ने इस सत्र के माध्यम से लोगों को अवेयर किया।
डॉ. कपिल जैन ने इस मौके पर कहा कि सर्जिकल एक्सपर्ट और एडवांस तकनीक की मदद से मिनिमली इनवेसिव न्यूरोसर्जरी की जा रही हैं, जिनमें बहुत कम रिस्क है। यहां तक कि इस प्रक्रिया में बहुत ही संवेदनशील और जटिल ट्यूमर भी बहुत ही सुरक्षित तरीके से ऑपरेट कर लिए जाते हैं। ब्रेन ट्यूमर के करीब 50 फीसदी केस नॉन-कैंसरस होते हैं, जिनका सही तरह से ट्रीटमेंट कराया जाए तो बेहतर रिजल्ट आते हैं और मरीज पहले की तरह सामान्य जिंदगी जी सकता है। हालांकि, परंपरागत ओपन सर्जरी एक विकल्प जरूर रहता है लेकिन इसमें खून बहने का खतरा रहता है। साथ ही हमेशा के लिए पैरालिसिस हो जाने या दिव्यांगता का भी रिस्क रहता है। इस तरह के खतरों को कम करने के लिए मिनिमली इनवेसिव सर्जरी बहुत ही कारगर हैं, जिनमें चीर-काट बहुत ही कम होती है और दर्द भी मामूली होता है।
इस प्रक्रिया की सेफ्टी के बारे में विस्तार से बताते हुए डॉ. प्रग्नेश देसाई ने कहा कि हालिया तकनीकी एडवांसमेंट के चलते रोबोटिक इलाज और अधिक सुरक्षित हो गए हैं। इसमें कठिन ऑपरेशन में बहुत ही सेफ तरीके से हो रहे हैं और मरीज की रिकवरी भी तुरंत हो जाती है। यूरोलॉजी से जुड़ी बीमारियों के इलाज में रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ ऑपरेशंस द विंसी सर्जिकल रोबोट की मदद से किए जा रहे हैं।


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