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| शिंजो आबे |
नई दिल्ली/टोक्यो। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का शुक्रवार को निधन हो गया। उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिसके बाद भारत ने एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया। आपको बता दें कि शिंजो आबे शुक्रवार तड़के नारा में चुनावी भाषण को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान एक अधेड़ उम्र के पूर्व नौसैनिक ने गोली मार दी।
हमलावर ने उन पर दो गोलियां चलाईं थीं। एक गोली उनके सीने के आरपार चली गई, जबकि दूसरी गोली गर्दन पर लगी। गोली लगते ही आबे सड़क पर गिर पड़े थे।
गोली लगने के बाद शिंजो आबे को दिल का दौरा भी पड़ा और उनका काफी ज्यादा खून बह चुका था। जिसके तत्काल बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद अस्तपाल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।
Video footage of the first shotpic.twitter.com/DlwYOqsOZx
— Nick Kapur (@nick_kapur) July 8, 2022
क्योतो के निकट नारा शहर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते समय 41 वर्षीय हमलावर ने बंदूक से आबे को नज़दीक से गोली मार दी जिससे वह नीचे गिर गये। बाद में सुरक्षा अधिकारियों को पता चला कि उन्हें गोली मारी गयी है। आबे को तत्काल निकट के अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार श्री आबे के शरीर में जीवन के लक्षण नहीं दिख रहे थे लेकिन करीब छह घंटे तक उन्हें जीवित करने की कोशिशें जारी रहीं लेकिन अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा।
हमलावर ने पीछे से उन पर दो गोलियां दागीं, जिसके बाद 67 वर्षीय शिंजो आबे जमीन पर गिर पड़े और उनके शरीर से खून बहता दिखाई दिया। हमलावर को पकड़ लिया गय। इसके बाद उसने पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल लिया। है। उसने कहा है कि वह आबे की हत्या करना चाहता था। क्योंकि, वह उनसे असंतुष्ट था।
दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माने जाने वाले जापान में यह हमला हैरान करने वाला है। जापान में बंदूक नियंत्रण के सख्त कानून लागू हैं। आबे ने 2020 में यह कहते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था कि उनकी एक पुरानी बीमारी फिर से उभर आयी है।
उन्होंने उस समय पत्रकारों से कहा था कि अपने कई लक्ष्यों को अधूरा छोड़ना उनके लिए ‘‘परेशान करने वाली बात’’ है। उन्होंने वर्षों पहले उत्तर कोरिया द्वारा अगवा किए गए जापानी नागरिकों के मुद्दे, रूस के साथ क्षेत्रीय विवाद और जापान के युद्ध त्यागने वाले संविधान के संशोधन के मुद्दों को हल करने में अपनी नाकामी की बात की थी। भारत के साथ शिंजो आबे की काफी नजदीकी रही। भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी नजदीकी मित्र रहे। पिछले साल उन्हें पदम विभूषण से सम्मानित किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
और राष्ट्रीय शोक की घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिंजो आबे के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, मैं अपने सबसे प्यारे दोस्तों में से एक शिंजो आबे के दुखद निधन पर स्तब्ध और दुखी हूं। वह एक महान वैश्विक राजनेता, प्रशासक थे। उन्होंने जापान और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि शिंजो आबे के प्रति हमारे दिल में गहरा सम्मान है, इसलिए कल एक दिन का राष्ट्रीय शोक रहेगा।



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