संत वो है जो सत्य बोलता है




👉 लंगड़े की चौकी हनुमान मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा में चली भक्ति की बयार


न्यूज़ स्ट्रोक
आगरा, 12 अप्रैल । लंगड़े की चौकी हनुमान मंदिर में चल रहे 10 दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव के तहत जारी श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास हिमांशु धर शास्त्री ने वेद और शास्त्रों की गूढ़ताओं से अवगत कराया। संतों की परिभाषाएं बताईं। पृथ्वी के आधार स्तंभ बताए। ध्रुव चरित्र, पुरंजन की कथा सुनाई। 
व्यास गद्दी से कहा गया कि संत वो नहीं है जो सिर्फ भगवा वस्त्र पहन लेता है। संत वो है जो सत्य बोलता है, संत वो है जो निरंतर भगवान का मनन करता है, चिंतन करता है। उन्होंने कहा कि धरती का आधार स्तंभ क्या है? विज्ञान कुछ भी कहता हो लेकिन गाय, ब्राह्मण, संत, सती (पतिव्रता नारी) दानवीर, वेद आदि पृथ्वी के आधार हैं। यह जब तक हैं, यह धरती सलामत है। 
ध्रुव चरित्र की कथा सुनाते हुए आचार्य हिमांशु धर शास्त्री ने कहा कि  संसार में पुत्रवती मां वही होती है जिसका पुत्र प्रभु का भक्त होता है। नहीं तो पुत्र हीन होना भला है। भक्ति से भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 'सुमिर पवनसुत पावन नामू, अपने वश कर राखे रामूÓ हनुमान जी ने प्रभु श्री राम का नाम प्रतिक्षण सुमिरन करते हुए सारी सिद्धियां प्राप्त कर ली। प्रभु की कृपा से सभी काम बनाने वाले  सर्वशक्तिशाली देव बन गए।
 पुरंजन की कथा से उसका गूढ़ रहस्य बताते उन्होंने कहा कि पुरंजन राजा कोई दूसरा राजा नहीं, यही आत्मा है और नौ द्वारों वाली जिस नगरी में आकर उसने निवास किया, वह नौ द्वारों ओर आठ चक्रोंं वाला यह मानव-शरीर है। 
कल मंगलवार होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने कथा का श्रवण किया। आरती में भाग लिया, हनुमान जी के दर्शन किए। इस अवसर पर महंत गोविंद गुरु, गोपाल गुरु, गोपी गुरु, राम उपाध्याय, भरत, लक्ष्मण, श्याम, सतीश भारद्वाज आदि लोग मौजूद रहे।


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