-मुकदमा दर्ज होने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने शुरू की जांच
-मेरठ में तैनात पूर्व थानाध्यक्ष है आगरा के सिकंदरा का रहने वाला
तुषार चौहान (न्यूज़ स्ट्रोक)
आगरा. 21 अप्रैल। सिकंदरा क्षेत्र के रहने वाले एक दरोगा ने मेरठ में तैनाती के दौरान कुछ ऐसा किया है जिसे जानने के बाद सभी के होश उड़ रहे हैं। नौ वर्ष में उसने करोड़ों रुपये कमाए हैं। अब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन टीम इसकी जांच कर रही है।
मेरठ से सटे हस्तिनापुर के पूर्व थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ मेडिकल थाने में आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज हुआ है। दरोगा धर्मेंद्र ने नौ वर्ष में 62 लाख रुपये कमाए लेकिन खर्चा करीब डेढ़ करोड़ किया। दरोगा ने मेरठ में फ्लैट समेत कई जगह संपत्ति खड़ी कर दी। एंटी करप्शन की जांच में आरोप सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की गई है।
पूर्व थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने हस्तिनापुर में तैनाती के समय आलीशान फार्म हाउस बनाया था। यह फार्म हाउस घने जंगल के बीच सभी सुविधाओं से लैस था। धर्मेंद्र के शास्त्रीनगर स्थित फ्लैट में बिजली चोरी भी पकड़ी गई थी। इसमें उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसके बाद धर्मेंद्र के कई अन्य कारनामे उजागर हुए। आरोपी दरोगा आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र का रहने वाला है।
एंटी करप्शन में तैनात इंस्पेक्टर अशोक शर्मा ने बताया कि दरोगा धर्मेद्र मूलरूप से आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के भोपाल कुंज का निवासी है। 2011 में पिता की मृत्यु के बाद आश्रित में धर्मेंद्र को नौकरी मिली। मुकदमा मेडिकल थाने में दर्ज हो गया है लेकिन इसकी जांच एंटी करप्शन करेगा। डीआईजी एंटी करप्शन राजीव मल्होत्रा का कहना है कि भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति की जांच एंटी करप्शन ही करता है।


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