विस्मृत सहित्यकारों को उचित स्थान दिलायेंगे -डॉ. उदय प्रताप

 


-आगरा कॉलेज में बाबू गुलाबराय की रचनाओं का संसार विषयक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी संम्पन्न


न्यूज़ स्ट्रोक

आगरा,18 अप्रैल। साहित्यकारों की एक बड़ी पीढ़ी को माक्र्सवादी आलोचकों ने नई पीढ़ी से अलग कर दिया। हम उनके योगदान का स्मरण करने उनके द्वार जा रहे हैं। उक्त विचार हैं हिन्दुतानी एकेडमी, प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह के। वह आगरा कॉलेज के हिंदी विभाग एवं हिन्दुतानी अकादमी, प्रयागराज के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। 
संगोष्ठी का विषय था बाबू गुलाब राय की रचनाओं का संसार। उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य में एक दौर ऐसा था जब साहित्यकार कम और आलोचक अधिक थे। यही कारण हैं कि बाबू गुलाबराय को इतना सम्मान नहीं मिल पाया, जिसके वह हकदार थे। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि सौ साल पुरानी हिंदुस्तानी पत्रिका का अगला अंक बाबू गुलाबराय विशेषांक के रूप में छापा जाएगा। 
बीज वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रो. उमापति दीक्षित ने कहा कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के बाद भी उन पर शोध कार्य नहीं हुआ। उनकी 50 से अधिक पुस्तकें हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. वेदप्रकाश शर्मा अमिताभ ने बाबू गुलाबराय के व्यक्तित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि उनका सबसे बड़ा योगदान भारतीयता एवं पाश्चात्य का मिलन कराना था। चीन से पधारे हिंदी भाषा विद्वान प्रो. विवेकमणी त्रिपाठी ने कहा कि चीन 17 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। 
उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन डॉ शेफाली चतुर्वेदी ने किया। संगोष्ठी के द्वितीय तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता प्रो प्रदीप श्रीधर एवं अध्यक्ष प्रो कमलेश नागर ने कहा कि बाबू गुलाबराय ने समान रूप से विचारों के आधार पर साहित्य की कलम चलाई है, यही उनकी विशेषता है।  डॉ. अनुपम श्रीवास्तव एवं डॉ. रामस्नेही लाल शर्मा ने विचार व्यक्त किये। इस सत्र की अध्यक्षता प्रो कमलेश नागर ने की। 
समापन समारोह में मुख्य वक्ता डॉ उमेश द्विवेदी तथा विशिष्ट अतिथि  डॉ संध्या द्विवेदी एवं डॉ रंजना पांडे ने अपने-अपने विचार रखे। सत्र का संचालन डॉ सुनीता द्विवेदी ने किया। आभार डॉ संध्या यादव ने किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि डॉ उदय प्रताप सिंह एवं प्राचार्य डॉ अनुराग शुक्ल ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी का विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर डॉ. रेखा पतसारिया, डॉ. दीपा रावत, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. रचना सिंह, डॉ. सुजाता यादव, डॉ. केपी तिवारी, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. आनंद पांडे, डॉ. अनुराधा गौड़, आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


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