दवाओं की ऑनलाइन बिक्री देश के स्वास्थ्य के लिए खतरा, एकजुटता का किया आह्वान



👉देश के स्वास्थ्य को भी खतरा, दवा कारोबारी अपने ऐप से देंगे ऑनलाइन बाजार में दस्तक 
👉एआईओसीडी की शैक्षणिक कार्यशाला में दूसरे दिन खुदरा दवा कारोबारियों की समस्याएं और चुनौतियों पर की गई चर्चा 
👉कंपनियों के हाथ में नहीं जाने देंगे दवाओं की बिक्री, एकजुट होने का आह्रवान 

न्यूज़ स्ट्रोक
आगरा, 22 अगस्त। कंपनियों द्वारा गर्भपात, नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री की जा रही है, यह देश के लिए घातक है। यही नहीं, इन कंपनियों पर मरीजों का डाटा भी आ रहा है, इससे भविष्य में कंपनिया अपनी ही दवा बाजार में बनाकर बिक्री करेंगी और मानोपाली को बढ़ावा देंगी। यह देश के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। इससे मुकाबला करने के लिए देश भर के  खुदरा और थोक दवा कारोबारियों के लिए आल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एआइओसीडी द्वारा ऐप  तैयार किया गया है।  सोमवार को  पर्ल्स रिसॉर्ट में आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (ओसीडी) यूपी द्वाराआयोजित  शैक्षणिक कार्यशाला के दूसरे दिन खुदरा  दवा कारोबारियों की समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही कार्यशाला का समापन हो गया।
आईओसीडी के सचिव राजीव शिंद ने बताया कि 28 अगस्त 2018 को ऑनलाइन दवाओं की बिक्री की अनुमति दी गई, इसका विरोध किया गया था। मगर, कोरोना काल मेंऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा लिया। यह देश के स्वास्थ्य के लिए आने वाले समय में एक बड़ी समस्या है। 15 साल के किशोर किशोरियों को गर्भपात की दवाएं, नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं ऑनलाइन माध्यम से आसानी से मिल रही हैं। इसके साथ ही आनलाइन दवाओं की बिक्री कर रही कंपनियों पर मरीजों का डाटा जा रहा है। जिससे कंपनियों को पता चल जाएगा कि किस बीमारी के मरीज किस क्षेत्र में अधिक हैं, डाक्टर किस तरह की दवाएं लिख रहे हैं। इसके बाद से अपनी खुद की दवाएं बनाकर मरीजों को सीधे ऑनलाइन बिक्री करने लगेंगे। इसे रोकने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से मुकाबला करने के लिए संस्था ने एप तैयार किया है। इस एप के माध्यम से खुदरा दवा व्यापारी ग्राहक को दी गईं दवाएं, उसे दोबारा कब दवाओं की जरूरत होगी, यह जान सकेगा और ग्राहक से संपर्क कर सकेगा। एक क्लिक पर ग्राहक अपने घर पर अपने पास के मेडिकल स्टोर से दवा मंगा सकेंगे। एप में खुदरा दवा व्यापारी को थोक दवा व्यापारी और सीएंडएफ से जोड़ जाएगा। जिससे दवाओं की आपूर्ति और एक्सपायरी व ब्रीकेज के संबंध में समस्या नहीं आएगी।
कार्यशाला में एकजुट होने का आह्वान किया। कहा कि दवाओं के होलसेल व्यापार को व्यवस्थित  होने की जरूरत है। नई पीढ़ी को इससे जोड़ो। रीटेलर और होलसेलर को भी मार्केटिंग करनी पड़ेगी तभी टिक पाएंगे।  मुख्य अतिथि एआईओसीडी के अध्यक्ष जेएस शिंदे व विशिष्ठ महासचिव राजीव सिंघल  मंचासीन अतिथियों में ओसीडी यूपी के अध्यक्ष दिवाकर सिंह, महामंत्री सुधीर अग्रवाल, आगरा फार्मा एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश, महामंत्री महेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता, शैलेन्द्र सिंह, राजेश सिंह योगेन्द्र दुबे थे।  
इस अवसर पर मुख्य रूप से महेश अग्रवाल, ओमप्रकाश, अनूप बंसल, पुनीत कालरा, मीडिया प्रभारी सुन्दरलाल चेतवानी, मुकेश गर्ग, संदीप गुप्ता, हरिमोहन गुप्ता, रमेश चंद गुप्ता, अश्वनी श्रीवास्तव, अभिषेक अग्रवाल, नरेन्द्र पंजवानी, हरिओम गर्ग, जगदीश राठी, महेश नारायणी, चंद्रकांत गुप्ता, चंपालाल, आशीष जैन, प्रवीन गुप्ता, दिनेश अग्रवाल, संजय गुप्ता, मनीष चंद्रा, निषादउद्दीन, मनोज गुप्ता, हेमन्त बिन्दल, संजय बंसल, नितिन अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, श्याम गुप्ता आदि उपस्थित थे।  

यूपी के 56 जिलों ने लिया भाग
कार्यशाला में यूपी के 56 जिलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इनका स्वागत सिर पर पगड़ी पहनाकर किया गया। जनवरी 2023 में आयोजित होने जा रही एआईओसीडी की मीटिंग में उप्र के सर्वश्रेष्ठ जिले को सवा दो लाख रुपए की धनराशि प्रदान कर पुरस्कृत करने की घोषणा की गई।

एमप्लसएम वैन से मरीजों की सेवा
एआईओसीडी के अध्यक्ष जेएस शिंदे ने बताया कि एमप्लसएम वैन तैयार की गई है। यह रिटेल वैन है, मरीज इस वैन से दवा ले सकते हैं। साथ ही मरीज के ब्लड प्रेशर, शुगर, बीएमआइ सहित अन्य जांच भी वैन में की जाएगी। मरीजों को दवाएं लेने का तरीका वैन में तैनात प्रशिक्षित फार्मासिस्ट देंगे। 



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