सिद्ध मंत्र है राधा-कृष्ण का युगल नाम


-श्रीहरि सत्संग समिति के तीन दिवसीय श्रीराधाष्टमी महोत्सव का हुआ समापन

न्यूज़ स्ट्रोक
आगरा, 05 सितम्बर। राधा-कृष्ण का युगल नाम सिद्ध मंत्र है, जिसके साक्षी स्वयं शिव शम्भू हैं। कथा वाचक कीर्ति किशोरी ने श्रोताओं को राधा-कृष्ण नाम की महिमा का बेहद सरल और सरस शब्दों के माध्यम से रसपान कराया। श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा कमला नगर स्थित अग्रवाल सेवा सदन में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराधाष्टमी महोत्सव में सोमवार को कथा का समापन भी हो गया।
कीर्ति किशोरी ने बताया कि वृषभानु सूर्यदेव का अवतार थे। राधारानी और श्रीकृष्ण के जन्म से पूर्व स्वयं साक्षात शनिदेव विराजे थे कोकिला वन में। व्यास पीठ पर विराजमान कीर्ति किशोरी जी ने राधाजी के अष्ट सखी दल, राधा-कृष्ण की लीलाओं के प्रसंगों का भक्तिमय और संगीतमय वर्णन किया। राधाजी ने पहली बार आंखें श्रीकृष्ण के दर्शन करते हुए ही खोलीं।  राधा प्यारी जू के हाथों में सोने के कंगना..., मैया झुलावे, बाबा झुलावे, राधा किशोरी मेरी झूलत पलना हिलोर..., राधा जी गांव में बंसी बजावे प्यारों गोपाला... जैसे भजनों ने सभी को भक्तिमय कर किया। अंत में आरती कर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जयमान प्रदीप गोयल, बबिता, राजकुमारी, अशोक अग्रवाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष राधा बल्लभ अग्रवाल, महामंत्री भगवान दास बंसल, संयोजक संजय गोयल, संजय मित्तल, उमेश बंसल, रमेशचंद मित्तल, महिला समिति की अध्यक्ष अंशु अग्रवाल, सोनिया गर्ग, उर्मिल बंसल, दर्शिका मित्तल, निहारिका अग्रवाल, सीमा बंसल, रश्मि सिंघल, मीनू त्यागी, सीमा अग्रवाल, रुचि अग्रवाल मौजूद रहीं।

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