उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
ने शासन के नाम दिया ज्ञापन
न्यूज़ स्ट्रोक
आगरा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई की ओर से प्रदेश में मंडी शुल्क को समाप्त करने की मांग सरकार से की गई है। इसे लेकर आगरा में बुधवार को व्यापारियों ने कलक्ट्रेट में एक ज्ञापन एसीएम पंचम विजय शर्मा को सौंपा।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि मंडी से बाहर व्यापार करने वाले कारोबारियों पर मंडी शुल्क लगाने के निर्णय सरासर गलत है। इससे कारोबारियों का आर्थिक व मानसिक शोषण होगा। इसको वापस लेने तक जिला उद्योग व्यापार मंडल कार्यक्रम घोषित करके आंदोलन जारी रखेगा।
व्यापारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल लंबे अरसे से प्रदेश में मंडी शुल्क की समाप्ति के लिए आंदोलन कर रहा था। इस बीच पांच जून 2020 को सरकार ने संपूर्ण देश से मंडियों का लाइसेंस को पूर्णता समाप्त कर दिया। इससे व्यापारियों को मंडी प्रपत्र, प्रवेश कर, 9 आर, गेट पास के झंझट से मुक्ति मिल गई थी। इस निर्णय के बाद से व्यापारी सहूलियत के साथ व्यापार कर रहा था। लेकिन, सरकार ने पुन: 10 दिसंबर को मंडी के बाहर कारोबार करने वालों पर मंडी शुल्क लागू कर दिया। कई निकटवर्ती राज्यों में मंडी शुल्क नहीं है।
मंडी शुल्क पुन: लागू करके किराना, मेवा, सुपारी, काली मिर्च, मसाले, गुड़ और लकड़ी के व्यापारियों को उत्पीड़न शोषण और भ्रष्टाचार की भट्टी में झोंक दिया है।
ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष श्री गिर्राज अग्रवाल, प्रदेश मंत्री राजकुमार गुरनानी, मंडल अध्यक्ष निर्मल कुमार जैन, कोषाध्यक्ष डीसी मित्तल, मीडिया प्रभारी मेघराज दियालानी, सुनील जैन, किशोर बुधरानी, योगेश रखवानी, सुलेमान भाई, राजेंद्र सिंह, जयप्रकाश अग्रवाल, रमन गोयल, सतीश शाह अन्य कई पदाधिकारी शामिल हुए।

0 Comments